नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। भारत से जुड़े एक और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकर ने सफलतापूर्वक फारस की खाड़ी में मौजूद संकरे समुद्री रास्ते हॉर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
भारत से जुड़े एलपीजी टैंकर ने हॉर्मुज स्ट्रेट ऐसे समय पर पार किया है, जब अमेरिका और ईरान दोनों के बीच लगातार तनाव जारी है, जिससे स्ट्रेट से आवाजाही करीब रुक गई है। इसे काफी अहम समुद्री रास्ता माना जाता है, क्योंकि इससे दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है।
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला जहाज, सर्व शक्ति, जो खाना पकाने के ईंधन के रूप में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली लगभग 45,000 टन एलपीजी ले जा रहा था, शनिवार को ईरान के लारक और केशम द्वीपों के पास से गुजरने के बाद ओमान की खाड़ी में प्रवेश करते हुए देखा गया।
माना जा रहा है कि यह जहाज भारत की ओर जा रहा है। सर्व शक्ति, एक विशाल गैस वाहक पोत है, जो पहले फारस की खाड़ी और भारतीय बंदरगाहों के बीच मार्गों पर संचालित होता रहा है।
ईरान से जुड़े संघर्ष के शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र में चलने वाले पोतों द्वारा व्यापक रूप से अपनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, यह पोत वर्तमान में अपने भारतीय गंतव्य और चालक दल के विवरण का प्रसारण कर रहा है।
इस जहाज को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ईरान से जुड़े जहाजों को निशाना बनाकर अमेरिका के नेतृत्व में शुरू की गई नाकाबंदी के बाद भारत से जुड़े किसी टैंकर की पहली यात्रा है।
इन प्रतिबंधों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से टैंकरों का आवागमन लगभग शून्य हो गया था, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक बाधित हो गया था।
सर्व शक्ति उन सबसे बड़े जहाजों में से एक है जिन्होंने पिछले महीने स्ट्रेट के संक्षिप्त और अव्यवस्थित रूप से फिर से खुलने के बाद से इस मार्ग से यात्रा की है, जिसके तुरंत बाद नए प्रतिबंध लगा दिए गए थे।
पिछले महीने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की पहली खेप होर्मुज स्ट्रेट से गुजरी है, जो कि नाकाबंदी में ढील के संकेत देता है।
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एलएनजी टैंकर मुबाराज - जिसने मार्च की शुरुआत में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दास द्वीप प्लांट से माल लोड किया था - भारत के दक्षिणी छोर से गुजरा था।
यह जहाज कई हफ्तों तक फारस की खाड़ी में निष्क्रिय रहा और लगभग 31 मार्च से सिग्नल भेजना बंद कर दिया था, जिसके बाद सोमवार को यह भारत के पश्चिम में फिर से दिखाई दिया।
--आईएएनएस
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