पश्चिम एशिया में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित; ईरान से अब तक 2,373 भारतीय वापस लौटे: सरकार

पश्चिम एशिया में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित; ईरान से अब तक 2,373 भारतीय वापस लौटे: सरकार

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकार ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान में कहा कि डीजी शिपिंग ने अब तक 2,487 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की है। इनमें पिछले 24 घंटों में 34 नाविकों की वापसी भी शामिल है, जिन्हें खाड़ी क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से लाया गया।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत के सभी बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी भीड़ या बाधा की स्थिति नहीं है।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े संगठनों के साथ समन्वय कर रहा है, ताकि नाविकों की सुरक्षा और समुद्री संचालन बिना रुकावट जारी रहे।

विदेश मंत्रालय भी खाड़ी और पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सक्रिय है। मंत्रालय समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहा है, जिसमें स्थानीय सरकारों के नियम, उड़ानों की स्थिति और कांसुलर सेवाओं की जानकारी दी जा रही है।

भारतीय दूतावास वहां के भारतीय समुदाय, संगठनों, कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

जहां-जहां हवाई क्षेत्र खुला है, वहां से उड़ानें जारी हैं। 28 फरवरी से अब तक करीब 10.68 लाख यात्री पश्चिम एशिया क्षेत्र से भारत आ चुके हैं।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत के बीच सीमित संख्या में नॉन-शेड्यूल्ड कमर्शियल उड़ानें चलाई जा रही हैं। आज करीब 110 उड़ानों के संचालन की उम्मीद है।

इसके अलावा सऊदी अरब और ओमान के कई एयरपोर्ट्स से भी भारत के लिए उड़ानें नियमित रूप से संचालित हो रही हैं।

सरकार ने यह भी बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अब तक ईरान से 2,373 भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते भारत वापस भेजने में मदद की है। इनमें 1,041 छात्र और 657 मछुआरे शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि वह हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।

--आईएएनएस

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