वॉशिंगटन, 19 मई (आईएएनएस)। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड से जुड़े कानूनी मामले के समाधान से भारत-अमेरिका की बढ़ती आर्थिक साझेदारी में एक बड़ी बाधा दूर हो गई है और इससे अमेरिका में नए भारतीय निवेशों के लिए मार्ग खुल गया है। यह बयान यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसएफ) ने सोमवार को दिया।
यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष और सीईओ डॉ. मुकेश अघी ने कहा, "अदाणी एंटरप्राइज से जुड़े मामले में अमेरिकी न्याय विभाग के फैसले से चल रहे कानूनी मामले का अंत हो गया है, जो मजबूत अमेरिका-भारत आर्थिक साझेदारी के लिए एक बाधा बना हुआ था।"
यूएसआईएसपीएफ का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ द ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने सोमवार को ऐलान किया था कि अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने ईरान से संबंधित प्रतिबंधों के 32 कथित उल्लंघनों को लेकर संभावित नागरिक दायित्व को निपटाने के लिए 275 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है।
अघी ने कहा कि अमेरिका में अदाणी समूह के नियोजित निवेश अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों की बढ़ती रुचि के व्यापक रुझान को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा, “अदाणी एंटरप्राइजेज द्वारा 10 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की हालिया घोषणा पर आधारित है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में विभिन्न क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही हैं।”
यूएसआईएसपीएफ के प्रमुख ने कहा कि भारतीय कंपनियां अमेरिका को एक दीर्घकालिक रणनीतिक और आर्थिक साझेदार के रूप में देखती हैं।
अघी ने कहा, "यूएसआईएसएफ में हम दृढ़ता से मानते हैं कि ये निवेश अमेरिका में मजबूत साझेदार बनने की भारतीय कंपनियों की इच्छा को बल देते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय निवेश दोनों देशों में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में योगदान देंगे।
उन्होंने कहा, "ये निवेश मौजूदा सहयोग को और मजबूत करेंगे, रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे, बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे और दीर्घकालिक द्विपक्षीय आर्थिक विकास को गति देंगे।"
पिछले एक दशक में भारत और अमेरिका ने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग का काफी विस्तार किया है, जिसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी संबंधों के प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरे हैं।
भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में, निवेश में लगातार वृद्धि की है।
यूएसआईएसएफ ने दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाई है और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए वाशिंगटन और नई दिल्ली में नीति निर्माताओं और उद्योगपतियों के साथ नियमित रूप से काम करता है।
--आईएएनएस
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