हिमाचल प्रदेश : वेतन न मिलने से नाराज मुख्यमंत्री निदान योजना के कर्मचारी, क्रस्ना लैब में तीन घंटे हड़ताल

हिमाचल प्रदेश : वेतन न मिलने से नाराज मुख्यमंत्री निदान योजना के कर्मचारी, क्रस्ना लैब में 3 घंटे की हड़ताल

ऊना, 10 फरवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री निदान योजना का उद्देश्य आम लोगों को सस्ती और सुलभ जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन इसी योजना से जुड़े कर्मचारी खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जिला मुख्यालय ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में मुख्यमंत्री निदान योजना के तहत संचालित निजी क्षेत्र की क्रस्ना लैब के कर्मचारियों को बीते दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

कर्मचारियों को दिसंबर और जनवरी माह का वेतन नहीं मिला है। इनमें से कई कर्मचारी दूर-दराज के इलाकों, खासकर दूधराज क्षेत्र और अन्य स्थानों से आकर ऊना में काम कर रहे हैं। वे किराए के मकानों में रहते हैं और वेतन न मिलने के कारण उनके सामने घर का किराया, राशन, बिजली-पानी के बिल और परिवार के भरण-पोषण जैसी गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को अपने प्रबंधन के सामने रखा, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।

कर्मचारियों के अनुसार, प्रबंधन की ओर से सोमवार को वेतन जारी होने की बात कही गई थी, लेकिन मंगलवार को भी भुगतान नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश फैल गया। परेशान कर्मचारियों ने मंगलवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तीन घंटे के लिए कामकाज ठप रखा। इस हड़ताल में मुख्यमंत्री निदान योजना के तहत संचालित लैब के सभी कर्मचारी शामिल रहे।

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेतन भुगतान को लेकर कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो संगठन की राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार आंदोलन को तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे काम करना चाहते हैं, लेकिन बिना वेतन के गुजारा करना उनके लिए नामुमकिन है।

लैब में कार्यरत नरेंद्र कुमार ने कहा कि कई महीनों से सैलरी नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि वे किराए के मकान में रहते हैं और मकान मालिक को हर महीने समझाना बेहद मुश्किल हो गया है। घर के अन्य खर्चे भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।

लैब कर्मी संजना ने बताया कि दिसंबर महीने की सैलरी अब तक नहीं आई है। सैलरी न मिलने की वजह से उन्हें पढ़ाई की फीस देने में भी दिक्कत हो रही है। घर के खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है और इसी कारण मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ा। आगे क्या होगा, यह प्रबंधन के रुख पर निर्भर करेगा।

इस बीच, मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना, डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें इस हड़ताल की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तब उन्हें जानकारी मिली कि क्रस्ना लैब के कर्मचारी तीन घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना की सरकारी लैब में सभी आवश्यक जांचें कराई जा रही हैं।

डॉ. वर्मा ने कहा कि अस्पताल प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जांच सुविधाओं में किसी भी तरह की दिक्कत न हो। सरकारी लैब में सभी जरूरी टेस्ट किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।

--आईएएनएस

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