पिछले साल की तुलना में हेल्थ बजट बढ़ाया गया, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज : प्रो. डॉ. रीमा दादा

हेल्थ बजट पिछले साल की तुलना में बढ़ाया गया, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज : एम्स

नई दिल्‍ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दिए जाने पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली की मीडिया सेल इंचार्ज प्रो. डॉ. रीमा दादा ने इसे बेहद सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का हेल्थ बजट पिछले साल की तुलना में बढ़ाया गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बढ़े हुए बजट से एम्स में पेशेंट केयर, टीचिंग-लर्निंग, मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च को अधिक बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि एम्स का लगातार फोकस स्वास्थ्य सेवाओं की ऑपरेशनल और डेवलपमेंट जरूरतों को पूरा करने पर रहा है और यह बजट इन आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार साबित होगा। इसके जरिए गंभीर और जटिल रोगों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा और लंबी प्रतीक्षा सूची को कम करने में भी सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद एम्स में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में इस बजट से हेल्थ डिलीवरी सिस्टम को सशक्त बनाया जा सकेगा। उनके अनुसार, संस्थान में नए ऑपरेशन थिएटर बनाए जा रहे हैं, जिससे सर्जरी की प्रतीक्षा सूची में कमी आएगी और मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

डॉ. रीमा ने यह भी बताया कि एम्स अपनी साइबर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी काम कर रहा है। इसके साथ ही फैकल्टी और स्टाफ की भर्ती की गई है, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं दी जा सकें। उन्होंने कहा कि एम्स न केवल एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा केंद्र है, बल्कि यह एक बड़ा शिक्षण और अनुसंधान संस्थान भी है।

उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय बजट-2026 एम्स को विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेगा। यहां मरीजों का इलाज करने के साथ-साथ रिसर्च और मेडिकल एजुकेशन पर भी बराबर ध्यान दिया जाता है, और यह हेल्थ बजट इन सभी क्षेत्रों में एम्स को सशक्त बनाएगा।

--आईएएनएस

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