मुंबई, 13 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमती धातुओं यानी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाला गोल्ड 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले गुरुवार को 999 प्यूरिटी वाले गोल्ड की कीमत 1,60,303 रुपए थी। यानी एक दिन में सोने का भाव 1,904 रुपए गिर गया है।
वहीं अगर चांदी की बात करें तो आईबीजेए के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,60,488 रुपए प्रति किलोग्राम है, जिसकी कीमत बीते गुरुवार को 2,68,301 रुपए प्रति किलोग्राम थी। यानी एक ही दिन में चांदी की कीमत 7,813 रुपए प्रति किलो कम हो गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर खबर लिखे जाने तक (शाम करीब 7.35 बजे) अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 269 रुपए यानी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,60,002 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 0.78 प्रतिशत यानी 2,099 रुपए गिरकर 2,65,863 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड करती नजर आई।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार से ही दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। 1,60,251 रुपए पर खुलने के बाद एक समय सोने की कीमतें 1,60,673 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर को टच कर गई थीं, जबकि दिन का निचला स्तर 1,58,764 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं, चांदी ने 2,66,001 रुपए पर कारोबार की शुरुआत की और एक समय इसकी कीमतें 2,69,186 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं, तो वहीं एक समय गिरकर 2,60,752 रुपए प्रति किलो के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गईं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार 1,56,000 से 1,57,000 रुपए का स्तर सोने के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बना हुआ है। एक विश्लेषक के मुताबिक, जब तक सोने की कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तब तक मध्यम अवधि में तेजी का रुझान बरकरार रहेगा। अगर कीमत 1,65,000 रुपए से ऊपर मजबूती से निकलती है, तो यह 1,75,000 से 1,80,000 रुपए तक की नई तेजी को जन्म दे सकती है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच इस सप्ताह सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध की खबरों, अमेरिकी डॉलर की दर और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से माहौल अस्थिर बना हुआ है, जिसका असर कीमती धातुओं पर देखने को मिल रहा है।
एक एक्सपर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुझान पेट्रो-डॉलर सिस्टम को मजबूत कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप सोना, तेल और डॉलर की दरों के विपरीत दिशा में चल रहा है।
एक्सपर्ट ने आगे बताया कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद मजबूत डॉलर, बढ़ती ब्याज दर और फेडरल रिजर्व के नीतिगत दृष्टिकोण को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा और सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
--आईएएनएस
डीबीपी