नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही ठंडा और ताजगी से भरे भोजन की तलब लगने लगती है। गर्मियों के सीजन में रसीले फल आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन सब्जियों में ताजगी कम होती है।
ऐसे में पुदीना याद आता है, जिसकी खुशबू मन को तरोताजा कर देती है और स्वाद भी लाजवाब होता है। भले ही पुदीने को सिर्फ चटनी या रायते का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हों, लेकिन आयुर्वेद में इसे एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। गर्मी के मौसम में यह आपके शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
आयुर्वेद के मुताबिक, पुदीना कफ और पित्त को संतुलित करता है और शरीर को गहराई से शीतलता देता है। स्वाद में तेज और थोड़ा कसैला पुदीना जिसमें भी मिलाकर बनाया जाता है, उसके स्वाद को परिवर्तित कर देता है। भोजन के बाद गैस बनने और सिरदर्द की समस्या में भी पुदीना लाभकारी है और इसे कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है।
गर्मियों में अक्सर भारी और तला हुआ खाना खाने से खट्टी डकारें, भारीपन और गैस की परेशानी होती है। ऐसे में पेट की गर्मी को कम कर इन सभी परेशानियों से राहत पाने के लिए पुदीने का सेवन किया जा सकता है। पुदीना पाचन तंत्र को शांत करता है और अम्ल को भी कम करता है। अगर आप इरिटेबल बाउल सिंड्रोम से जूझ रहे हैं तो पुदीने का सेवन सबसे ज्यादा लाभकारी होगा। इसे चटनी और रायते में ले सकते हैं।
गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान की वजह से सिर में दर्द और घबराहट होती है। पुदीने की तासीर ठंडी होती है और उसमें मेथॉल नाम का यौगिक होता है। यह यौगिक शरीर में जाते ही मस्तिष्क को संदेश देता है कि कुछ ठंडा आ रहा है। यही कारण है कि पुदीना खाने के बाद शीतलता का अहसास होता है। गर्मियों में लू से बचने के लिए भी पुदीने का सेवन एक रामबाण तरीका है।
बहुत कम लोग जानते हैं कि सिर्फ पुदीने के खाने के ही लाभ नहीं हैं, बल्कि उसे लगाने के भी लाभ हैं। अगर चेहरे पर लगातार मुंहासे निकल रहे हैं तो पुदीने का लेप प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे टैनिंग भी दूर होती है और मुंहासे भी जल्द से जल्द ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा, अगर सिर के दर्द की परेशानी बनी रहती है तो पुदीने की चाय राहत देती है। पुदीने की चाय तनाव को कम करने में भी मदद करती है।
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