गणतंत्र दिवस परेड में दिखी भारत की सैन्य शक्ति, लोगों ने देखा सूर्यास्त का 'उदय' और सुनी अपाचे की गूंज

गणतंत्र दिवस परेड में दिखी भारत की सैन्य शक्ति, लोगों ने देखा सूर्यास्त का 'उदय' और सुनी अपाचे की गूंज

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। भारत आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। सोमवार को कर्तव्य पथ पर निकली गणतंत्र दिवस परेड में भारत की आधुनिक सैन्य ताकत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान डीआरडीओ द्वारा विकसित लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल (एलआर-एएसएचएम), ब्रह्मोस, आकाश हथियार प्रणाली और स्वदेशी लेजर हथियार 'सूर्यास्त्र' को प्रदर्शित किया गया।

परेड में ऑपरेशन सिंदूर की झांकी ने सभी का ध्यान खींच लिया। आसमान से पैराट्रूपर्स की शानदार एंट्री हुई, वहीं पहली बार सूर्यास्त्र समेत कई नए स्वदेशी हथियारों का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस खास मौके पर एमआई-17 हेलिकॉप्टरों ने दर्शकों और विशिष्ट अतिथियों पर पुष्पवर्षा कर माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया।

परेड में तोपखाने की आधुनिक प्रणालियां भी शामिल रहीं। इनमें धनुष 155 मिमी, 45 कैलिबर टोड आर्टिलरी गन और अमोघ एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) को दिखाया गया।

इस दौरान आसमान में राफेल लड़ाकू विमान ने कर्तव्य पथ के ऊपर से उड़ान भरी, जबकि अपाचे हेलीकॉप्टर भी परेड का हिस्सा बने, जिसने दर्शकों में जोश भर दिया।

हेलिकॉप्टर फॉर्मेशन ने लोगों का जोश चरम पर पहुंचा दिया। गरुड़ फॉर्मेशन में अपाचे और प्रहार फॉर्मेशन में रुद्र हेलीकॉप्टर आसमान में नजर आए। पूरा कर्तव्य पथ तालियों और उत्साह से गूंज उठा। खासतौर पर गरुड़ फॉर्मेशन में उड़ते अपाचे एएच-64ई हेलिकॉप्टरों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही आसमान में अपाचे के दो हेलिकॉप्टर दिखे, दर्शक उन्हें एकटक देखते रह गए। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस नजारे को ध्यान से देखते दिखाई दिए। अपाचे हेलिकॉप्टर इस परेड का नया और सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरे।

गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास का एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था और भारत को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया था। तभी से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस साल इसका 77वां आयोजन है।

गणतंत्र दिवस 2026 की थीम 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' है। इस थीम के तहत कुल 30 झांकियां दिखाई गईं, जिनमें 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की थीं, जबकि 13 झांकियां विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं द्वारा प्रस्तुत की गईं।

--आईएएनएस

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