गांधीनगर, 16 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात के श्रम, कौशल विकास और रोजगार तथा ग्रामीण विकास मंत्री कुंवरजी बावलिया ने अपने 71वें जन्मदिन को एक अनोखे अंदाज में मनाया। किसी भव्य आयोजन के बजाय, उन्होंने गांधीनगर के सेक्टर-6 कडिया नाका स्थित श्रमिक अन्नपूर्णा योजना केंद्र का दौरा किया और वहां मौजूद श्रमिकों को अपने हाथों से गर्मागर्म और पौष्टिक भोजन परोसा।
इस दौरान मंत्री कुंवरजी बावलिया ने श्रमिकों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना और योजना के तहत दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का स्वयं निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि निर्माण क्षेत्र में मेहनत करने वाले श्रमिकों को पर्याप्त पोषण मिले, इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गुजरात सरकार की यह योजना श्रमिक परिवारों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। इसके तहत श्रमिकों को मात्र 5 रुपए की रियायती दर पर सादा, सात्विक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ शामिल होते हैं, जबकि सप्ताह में एक बार मिठाई भी दी जाती है। भोजन के साथ-साथ श्रमिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा सके।
यह योजना जून 2017 में राज्य के निर्माण श्रमिकों के लिए शुरू की गई थी और इसका संचालन गुजरात बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 1.05 करोड़ भोजन श्रमिकों को वितरित किए गए हैं, जबकि योजना शुरू होने से अब तक कुल 4.37 करोड़ भोजन बांटे जा चुके हैं।
मंत्री कुंवरजी बावलिया ने योजना के विस्तार को लेकर बताया कि फिलहाल पूरे गुजरात में 293 केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। श्रमिकों के हित में जल्द ही 121 नए केंद्र शुरू किए जाएंगे, जबकि इस वर्ष के बजट में 300 और नए केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। सरकार का उद्देश्य इस सुविधा को राज्य के अंतिम छोर तक के श्रमिकों तक पहुंचाना है, ताकि उन्हें घर जैसा पौष्टिक भोजन मिल सके।
मंत्री ने केंद्र पर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की और विभाग को निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों की मौसम के अनुसार विशेष देखभाल सुनिश्चित की जाए। श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा इन केंद्रों पर सभी प्रकार की प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गांधीनगर के कडिया नाका स्थित इस केंद्र पर मंत्री की इस प्रेरक पहल से श्रमिकों में खुशी और सम्मान की भावना देखने को मिली। श्रमिकों ने कहा कि कम कीमत पर पौष्टिक भोजन मिलने से उन्हें काफी राहत मिलती है और काम के दौरान उन्हें आसानी से भोजन उपलब्ध हो जाता है।
राज्य सरकार का मानना है कि श्रमिक अन्नपूर्णा योजना न केवल मजदूरों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आने वाले समय में इस योजना के और विस्तार के साथ बड़ी संख्या में श्रमिकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
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