मुंबई, 1 मई (आईएएनएस)। फिल्म निर्माता-निर्देशक फिरोज नाडियाडवाला ने अपनी सुपरहिट फिल्म 'हेरा फेरी' के कॉपीराइट और रिमेक अधिकारों को लेकर मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने मिलीभगत कर उनके कानूनी अधिकारों को हड़पने और उनसे करोड़ों रुपए वसूलने की कोशिश की है।
फिरोज नाडियाडवाला ने पुलिस को बताया कि साल 2000 की फिल्म 'हेरा फेरी' मलयालम की 'रामजी राव स्पीकिंग' (1989) पर आधारित है। उन्होंने साल 2000 में ही 'मेसर्स कॉम्पेक्ट डिस्क इंडिया लिमिटेड' के सुरेश कुमार सिंघल से 4,50,000 रुपए में इस कहानी के हिंदी और अन्य भाषाओं (दक्षिण भारतीय भाषाओं को छोड़कर) के रीमेक अधिकार खरीद लिए थे।
नाडियाडवाला के अनुसार, फिल्म रिलीज होने से सिर्फ 7 दिन पहले कुछ लोगों ने उन पर दबाव बनाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की थी। उस समय फिल्म में भारी निवेश हो चुका था और बदनामी व आर्थिक नुकसान के डर से उन्हें मजबूरन पैसे देने पड़े, भले ही अदालत ने उनके पक्ष में स्टे ऑर्डर दे रखा था। अब 25 साल बाद फिर से एक नई साजिश रची गई है।
शिकायत में कहा गया है कि मूल मलयालम फिल्म के मालिक सिद्दीकी के.एल. और एम. पॉल माइकल ने यह जानते हुए भी कि अधिकार पहले ही बेचे जा चुके हैं, 12 मई 2022 को केवल 3 लाख रुपए में ये अधिकार गोपाला पिल्लई विजयकुमार (मेसर्स सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल) को बेच दिए।
दिसंबर 2024 में फिरोज नाडियाडवाला को एक कानूनी नोटिस मिला, जिसमें उनकी फिल्म 'फिर हेरा फेरी' (2006) को अवैध बताया गया। विरोधी पक्ष ने उनसे 60 लाख रुपए और फिल्म से हुए कुल मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा मांग लिया।
नाडियाडवाला ने आरोप लगाया कि ये लोग उनकी कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया में भी बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल जैसे बड़े कलाकारों के नाम का गलत इस्तेमाल कर उनके खिलाफ झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं, जिससे उनकी व्यावसायिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
पुलिस ने फिरोज नाडियाडवाला की शिकायत पर गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम. पॉल माइकल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और जल्द ही सभी संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुलाने वाली है।
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