नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दक्षिण कोरिया के फाइनेंशियल सर्विसेज कमीशन (एफएससी) के चेयरमैन ली इओग-वेओन से राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच वित्तीय क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि इस बैठक में एफएससी के डायरेक्टर जनरल यूएन योसेओप और इंटरनेशनल फाइनेंस डिवीजन के डायरेक्टर किम यूनही भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान फिनटेक इनोवेशन, डिजिटल पेमेंट्स, निवेश, लोकल करेंसी सेटलमेंट और गिफ्ट आईएफएससी में बिजनेस के अवसरों जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने वित्तीय क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं पर जोर दिया और स्टार्टअप्स, द्विपक्षीय निवेश तथा भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) के माध्यम से सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर विचार किया। यह बैठक भारत और कोरिया के बीच वित्तीय साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है और इसे 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि करीब आठ साल बाद कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के प्रति सम्मान जैसे कई साझा तत्व हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी दोनों देशों के हित समान हैं, जिसके चलते पिछले एक दशक में रिश्ते और मजबूत हुए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि यह साझेदारी भविष्य में और व्यापक होगी और चिप से लेकर तकनीक, टैलेंट से लेकर ऊर्जा तक हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच वित्तीय लेनदेन को आसान बनाने के लिए भारत-कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की गई है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी का गठन किया गया है और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी तथा सप्लाई चेन के लिए इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग शुरू किया जाएगा।
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