नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराया। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
इंग्लैंड और फ्रांस के बीच इस मुकाबले में कुल 10 गोल लगे। 1982 के बाद यह पहला मौका है जब विश्व कप के किसी एक मैच में 10 गोल लगे हैं। इंग्लैंड की टीम मुकाबले में शुरुआत से ही हावी नजर आई। मैच के तीसरे ही मिनट में ही डेक्लान राइस ने लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। इसके बाद मैच के 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने इंग्लैंड की बढ़त को जल्द ही 2-0 कर दिया। उन्होंने राइस के कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाते हुए गोल दागा।
बुकायो साका ने इंग्लैंड के लिए मैच का तीसरा गोल किया, जबकि 43वें मिनट में उन्होंने एक और गोल दागते हुए पहले हाफ में ही इंग्लैंड की बढ़त को 4-0 कर डाला। हालांकि, दूसरे हाफ मे फ्रांस ने भी दमदार वापसी की। कोच ने टीम में चार बदलाव किए, जिसका असर मैदान पर भी साफतौर पर नजर आया। मैच के 48वें मिनट में किलियन एम्बाप्पे ने फ्रांस के लिए मुकाबले का पहला गोल दागा। इसके बाद 58वें मिनट में बारकोला ने एक और गोल करते हुए स्कोर को 4-2 पर ला दिया। 9 मिनट बाद ही एम्बाप्पे ने एक और गोल करते हुए इंग्लैंड की बढ़त को और कम कर दिया।
हालांकि, इंग्लैंड ने मैच के अंतिम पलों में एक बार फिर दमदार खेल दिखाया। 87वें मिनट में हाथ आई पेनल्टी को बुकायो साका भुनाने में पूरी तरह से सफल रहे और उन्होंने इंग्लैंड के लिए मैच का पांचवां गोल किया। हालांकि, फ्रांस के लिए उस्मान डेम्बेल ने इंजरी टाइम में गोल करते हुए स्कोर 5-4 कर दिया। इंजरी टाइम के 8वें मिनट में जूड बेलिंगहम ने इंग्लैंड की ओर से छठा गोल करते हुए टीम की जीत पर मुहर लगा दी। 1966 में फीफा विश्व कप का खिताब जीतने के बाद यह टूर्नामेंट में इंग्लैंड का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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