नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के रहने वालों के लिए राहत की खबर है। केंद्र की मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे करीब 50 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। अब दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1,511 कॉलोनियों को 'जैसा है, जहां है' के आधार पर नियमित किया जाएगा। इसका मतलब है कि जिन परिवारों ने वर्षों तक अपने ही घर में रहते हुए भी अधिकार नहीं पाए, उन्हें अब कानूनी रूप से अपने घर का हक मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल का दिल्ली की जनता की ओर से आभार जताया। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज का दिन दिल्ली के 45 लाख लोगों के जीवन में राहत, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय लेकर आया है। प्रधानमंत्री ने वर्षों से अनदेखी इस पीड़ा को समझा, उन परिवारों के सपनों को महसूस किया, जो अपने ही घरों में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। इसी संवेदनशील सोच से पीएम उदय योजना का मार्ग बना और आज 1,731 में से 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हुआ है।"
उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। 7 दिन में जाआईएस सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमी दूर करने की प्रक्रिया और 45 दिन में हस्तांतरण डीड जारी करने की समयसीमा तय की गई है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने मिलकर इस प्रक्रिया की 22 बड़ी बाधाओं को दूर किया ताकि लाखों परिवारों को उनका हक बिना अटके, लटके, भटके मिल सके। साथ ही, 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी सोच के अनुरूप दिल्ली के भविष्य को भी मजबूत किया जा रहा है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्लांड, हाई-डेंसिटी और मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। इससे सस्ती आवास व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और आसान जीवन का मार्ग खुलेगा, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह एक बड़ा सहारा बनेगा।
दरअसल, 2019 में अवैध कॉलोनियों के लिए पीएम उदय योजना को लागू किया गया था। इसके तहत भवन को नियमित करने की योजना थी। उस समय केवल 40 हजार मकानों को नियमित किया गया था और इसकी रफ्तार धीमी थी। अब प्रक्रिया को काफी आसान और तेज बनाया गया है। दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग कन्वेंस डीड जारी करेगा, जिससे लोगों को अपने घरों पर कानूनी अधिकार तुरंत मिलेंगे।
--आईएएनएस
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