रायपुर, 18 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित होने जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक होगी, जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बैठक को बस्तर के इतिहास के लिए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान को दर्शाता है।
बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दोनों मुख्यमंत्रियों के साथ विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कभी नक्सली हिंसा की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर अब तेजी से विकास और विश्वास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में देश के वरिष्ठ नेतृत्व और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी बस्तर के बदलते स्वरूप का प्रतीक है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह बैठक अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत करने के साथ-साथ सुरक्षित, विकसित और आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की थी और अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपते हुए कहा कि आयोजन की तैयारियों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं बेहतर समन्वय और गंभीरता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में मध्य क्षेत्रीय परिषद के राज्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह देश की ऐसी क्षेत्रीय परिषद है, जहां सदस्य राज्यों के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है और यह आपसी सहयोग तथा समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषदें राज्यों और केंद्र सरकार के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को मजबूत करने का प्रभावी मंच बन चुकी हैं। मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं और इसी सोच के साथ क्षेत्रीय परिषदें विकास, प्रशासनिक समन्वय और राष्ट्रीय एकता को नई दिशा दे रही हैं।
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