नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने पीएसजीआईसी, नाबार्ड और आरबीआई के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इससे 90,000 से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया,"वित्तीय क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और पेंशनभोगियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों की श्रृंखला में, केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (पीएसजीआईसी) और राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के वेतन संशोधन को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नाबार्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में संशोधन को भी मंजूरी दी है।"
सार्वजनिक सेवा निगमों (पीएसजीआईसी) के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन एक अगस्त 2022 से प्रभावी होगा। कुल वेतन वृद्धि 12.41 प्रतिशत होगी। इसमें मूल वेतन और महंगाई भत्ता में 14 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है। इस संशोधन से कुल 43,247 पीएसजीआईसी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस संशोधन में एनपीएस अंशदान को भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि एक अप्रैल 2010 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों का भविष्य बेहतर हो सके।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि पीएसजीआईसी के पारिवारिक पेंशन को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 30 प्रतिशत की एकसमान दर से संशोधित किया गया है। इससे संगठन में उनके बहुमूल्य योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने के प्रतीक के रूप में कुल 15,582 वर्तमान पारिवारिक पेंशनभोगियों में से 14,615 पारिवारिक पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
इसमें कुल व्यय कुल व्यय लगभग 8170.30 करोड़ रुपए होगा। इसमें से 5822.68 करोड़ रुपए वेतन संशोधन के बकाया के लिए, 250.15 करोड़ रुपए एनपीएस के लिए और 2097.47 करोड़ रुपए पारिवारिक पेंशन के लिए होंगे।
सार्वजनिक बीमा निगमों (पीएसजीआईसी) में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड , न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड , ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और एग्रीकल्चरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, नाबार्ड के सभी ग्रुप 'ए', 'बी' और 'सी' कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इससे लगभग 3,800 सेवारत और पूर्व कर्मचारियों को लाभ होगा। यह बढ़ोतरी एक नवंबर, 2022 से लागू हुई है।
वेतन संशोधन के कारण वार्षिक वेतन बिल में लगभग 170 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी और बकाया राशि का कुल भुगतान लगभग 510 करोड़ रुपए होगा। वहीं पेंशन संशोधन के परिणामस्वरूप 50.82 करोड़ रुपए का एकमुश्त बकाया भुगतान और नाबार्ड के 269 पेंशनभोगियों और 457 पारिवारिक पेंशनभोगियों को प्रति माह 3.55 करोड़ रुपए का अतिरिक्त पेंशन भुगतान करना होगा।
सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। यह निर्णय वरिष्ठ नागरिकों और उनके आश्रितों के लिए उचित, पर्याप्त और सतत सेवानिवृत्ति लाभ सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप लिया गया है।
स्वीकृत संशोधन के अंतर्गत मूल पेंशन और महंगाई राहत पर पेंशन और पारिवारिक पेंशन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यह 1 नवंबर 2022 से प्रभावी होगी। इससे सभी सेवानिवृत्तों की मूल पेंशन में 1.43 गुना की प्रभावी वृद्धि होगी। इससे उनकी मासिक पेंशन में काफी सुधार होगा। इस संशोधन से कुल 30,769 लाभार्थियों को लाभ होगा। इनमें 22,580 पेंशनभोगी और 8,189 पारिवारिक पेंशनभोगी शामिल हैं।
इसका कुल वित्तीय प्रभाव 2,696.82 करोड़ रुपए का होने का अनुमान है। इसमें बकाया राशि के लिए 2,485.02 करोड़ रुपए का एकमुश्त व्यय और 211.80 करोड़ रुपए का आवर्ती वार्षिक व्यय शामिल है।
--आईएएनएस
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