अहमदाबाद, 30 मई (आईएएनएस)। गुजरात के अहमदाबाद में कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नारायणा हॉस्पिटल ने नए रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेंटर की शुरुआत की है।
इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह केंद्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के कैंसर मरीजों को आधुनिक, सटीक और तेज रेडिएशन थेरेपी उपलब्ध कराएगा, जिससे उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
इस नए केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता अत्याधुनिक ‘हैल्सियन रेडिएशन थेरेपी सिस्टम’ है। यह तकनीक कैंसर के उपचार में अधिक सटीकता और कम समय में बेहतर परिणाम देने के लिए विकसित की गई है। इस प्रणाली की मदद से ट्यूमर को बेहद सटीक तरीके से निशाना बनाया जा सकता है, जबकि आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचता है। इससे मरीजों को उपचार के दौरान कम परेशानी होती है और इलाज की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेडिएशन थेरेपी कैंसर के इलाज की सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी विधियों में से एक है। इसमें उच्च ऊर्जा वाली किरणों का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है और ट्यूमर को छोटा किया जाता है। यह उपचार कैंसर के शुरुआती चरणों में रोग को नियंत्रित करने और ठीक करने में मदद करता है, जबकि उन्नत चरणों में बीमारी की प्रगति को धीमा करने और मरीजों के लक्षणों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन रेडिएशन थेरेपी की सुविधाएं अभी पर्याप्त नहीं हैं। देश में वर्तमान में लगभग 550 रेडियोथेरेपी मशीनें ही उपलब्ध हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिश के अनुसार प्रति दस लाख आबादी पर कम से कम एक मशीन होनी चाहिए। ऐसे में आधुनिक रेडिएशन सुविधाओं की उपलब्धता स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी आवश्यकता बन गई है।
गुजरात में भी हर वर्ष लगभग 70से 73 हजार नए कैंसर मामलों का पता चलता है। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की होती है, जिनमें बीमारी का पता उन्नत अवस्था में चलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर और सुलभ उपचार मरीजों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नारायणा हॉस्पिटल ने यह नई सुविधा शुरू की है।
कार्यक्रम के दौरान नारायणा हेल्थ के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. देवी शेट्टी ने कहा कि देश में कैंसर का बोझ लगातार बढ़ रहा है और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शुरुआती और सटीक इलाज मरीज की रिकवरी में बड़ा अंतर ला सकता है। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए और यह केंद्र उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर हेमंत भटनागर ने कहा कि यह केंद्र इस विश्वास का प्रतीक है कि विश्वस्तरीय कैंसर उपचार केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि हैल्सियन सिस्टम की मदद से अस्पताल कम समय में अधिक मरीजों को बेहतर और सटीक उपचार प्रदान करने में सक्षम होगा।
नारायणा हॉस्पिटल की कंसल्टेंट रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. तस्नीम नलवाला ने बताया कि हैल्सियन तकनीक उपचार से पहले दैनिक सीटी इमेजिंग की सुविधा देती है, जिससे ट्यूमर की स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकता है। इसके अलावा आईएमआरटी, वीमैट और स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से मरीजों को अत्यधिक सटीक रेडिएशन दिया जाता है। कई मामलों में उपचार के सत्र केवल कुछ मिनटों में पूरे हो जाते हैं, जिससे मरीजों का समय बचता है और उन्हें अधिक आरामदायक अनुभव मिलता है।
नए रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेंटर के शुरू होने के साथ ही नारायणा हॉस्पिटल अब मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी जैसी सभी प्रमुख कैंसर सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करा रहा है।
इससे मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें समग्र कैंसर उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि यह पहल गुजरात और आसपास के क्षेत्रों के हजारों मरीजों के लिए बेहतर और सुलभ कैंसर उपचार का नया विकल्प साबित होगी।
--आईएएनएस
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