नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं। ताजा बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडा को चेतावनी दी कि अगर वह चीन के करीब गया, तो वह उसे निगल जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर ओटावा वाशिंगटन के साथ सहयोग करने से मना करता है, तो चीन कनाडा को निगल जाएगा। ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने कहा कि कनाडा उनके प्लान किए गए गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम का विरोध करता है, जो इजरायल के आयरन डोम से प्रेरित है।
ट्रंप ने लिखा, “कनाडा ग्रीनलैंड के ऊपर बनने वाले गोल्डन डोम के खिलाफ है, भले ही गोल्डन डोम कनाडा को प्रोटेक्ट करेगा। इसके बजाय, कनाडा ने चीन के साथ व्यापार करने के समर्थन में वोट दिया, जो एक साल में ही उन्हें खा जाएगा!”
राष्ट्रपति ने कहा कि वह चाहते हैं कि गोल्डन डोम ग्रीनलैंड को कवर करे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि आर्कटिक क्षेत्र पर नियंत्रण से अमेरिका को रूस और चीन के प्रभाव का मुकाबला करने में मदद मिलेगी।
इस हफ्ते की शुरुआत में दावोस में ट्रंप ने कहा कि कनाडा को अपने बचाव के लिए अमेरिका का शुक्रगुजार होना चाहिए। कनाडा यूएस की वजह से जीता है।
हालांकि, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस बात से साफ इनकार किया कि उनके देश की सफलता का श्रेय उनके दक्षिणी पड़ोसी देश यूएस को जाता है। पीएम कार्नी ने कहा कि अमेरिकी दबदबे पर बना वर्ल्ड ऑर्डर टूटने की कगार पर है।
पीएम कार्नी ने कहा, "कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक शानदार साझेदारी बनाई है। अर्थव्यवस्था में, सुरक्षा में और समृद्ध सांस्कृतिक आदान-प्रदान में, लेकिन कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा नहीं है। कनाडा इसलिए आगे बढ़ रहा है क्योंकि हम कनाडाई हैं।"
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कार्नी की बातों का जवाब देते हुए उन्हें अपने बोर्ड ऑफ पीस से निकाल दिया।
विश्व में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की शुरुआत की है। इसमें शामिल होने के लिए ट्रंप ने दुनिया के लगभग 60 देशों को न्योता भेजा। इजरायली मीडिया के अनुसार, 60 में से दुनिया के 25 देशों ने ट्रंप के न्यौते को स्वीकार कर लिया है। बोर्ड ऑफ पीस में अब तक इजरायल, बहरीन, मोरक्को, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बुल्गारिया, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, पाकिस्तान, पराग्वे, कतर, सऊदी अरब, तुर्किए, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, बेलारूस, मिस्र, वियतनाम और मंगोलिया शामिल हुए।
--आईएएनएस
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