नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। आम बजट आने में करीब एक हफ्ते का समय बचा हुआ है। इसे लेकर रियल एस्टेट सेक्टर्स को भी काफी उम्मीद हैं, जिसमें अफोर्डेबल हाउसिंग की सीमा बढ़ाना, शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिक आवंटन और एसेट्स टोकनाइजेशन शामिल है।
रियल एस्टेट सेक्टर्स के एक्सपर्ट ने कहा कि मौजूदा समय में पूरे देश में घरों की कीमतें काफी बढ़ गई है। ऐसे में सरकार को अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित सीमा को 45 लाख रुपए से बढ़कर 80 लाख या फिर एक करोड़ रुपए कर देना चाहिए। इससे देश में अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं की संख्या बढ़ेगी और लोगों के लिए घर खरीदना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा।
एक अन्य एक्सपर्ट ने आगे बताया कि बजट में शहरी विकास के लिए बजट में अधिक फंड आवंटित करना चाहिए, क्योंकि मौजूदा समय में वायु प्रदूषण, जल की गुणवत्ता, अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर वैकल्पिक नहीं जरूरी बन गए हैं। इससे शहरों में जीवन की गुणवत्ता बढ़ेगी और निवेशकों को रियल एस्टेट में निवेश करने का भरोसा बढ़ेगा।
इसके अलावा, एक एक्सपर्ट ने कहा कि सरकार को आने वाले बजट में घर खरीदारों को होम लोन में मिलने वाली छूट को बढ़ाना चाहिए। साथ ही, स्थिरता केंद्रित विकास वाली रियल एस्टेट परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए और रियल एस्टेट में छोटे निवेश को आगे बढ़ाने के लिए एसेट टोकनाइजेशन का फ्रेमवर्क लाना चाहिए। इससे बड़ी संख्या में एसआईपी की तरह ही रियल एस्टेट में निवेश कर पाएंगे।
केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। यह वर्ष 2000 के बाद पहली बार है कि केंद्रीय बजट संसद में रविवार को पेश किया जाएगा। इससे पहले 2025 में, सीतारमण ने शनिवार को बजट पेश किया था और दिवंगत अरुण जेटली के नेतृत्व में 2015 का बजट भी 28 फरवरी, 2015 को शनिवार को पेश किया गया था।
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