नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। मजबूती जीडीपी आंकड़ों के बाद भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि वह जिसे सुनामी बता रहे थे, इन आंकड़ों के साथ धुल चुकी है।
साथ ही, इसे विपक्षी नेता का भारत को बदनाम करने का नया प्रयास बताया।
मालविया ने कहा कि ताजा जीडीपी आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज है। तिमाही दर तिमाही आधार पर भारत की वृद्धि दर स्थिर रही, यह पहली तिमाही में 6.7 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में भी 7.8 प्रतिशत रही है।
उन्होंने कहा कि जर्मनी की विकास दर मात्र 0.4 प्रतिशत, जापान की 0.8 प्रतिशत, यूरो क्षेत्र की 1.3 प्रतिशत और जी7 देशों की 1.6 प्रतिशत रही।
मालविया ने आगे कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भी भारत ने इंडोनेशिया, मलेशिया, मैक्सिको और थाईलैंड को पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि ऑटो बिक्री सर्वकालिक उच्च स्तर पर है, विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार जारी है, जीएसटी संग्रह बढ़ रहा है, लोन वृद्धि मजबूत है और विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत बना हुआ है। यह मजबूत अर्थव्यवस्था के संकेत हैं न कि कमजोर के।
मालवीय ने निशान साधते हुए कहा,“आज जो एकमात्र ‘सुनामी’ दिखाई दे रही है, वह कांग्रेस पार्टी की दुर्भावनापूर्ण सोच को डुबो रही है।”
राहुल गांधी ने इससे पहले कहा था कि भारत एक “आर्थिक सुनामी” की ओर बढ़ रहा है क्योंकि सरकार ने सभी आर्थिक सुरक्षा उपायों को हटा दिया है।
मालवीय ने मुताबिक, 2013 में, भारत को दोहरे घाटे, उच्च मुद्रास्फीति, नीतिगत गतिरोध और आर्थिक अनिश्चितता वाली “कमजोर पांच” अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता था, जबकि आज देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में खड़ा है।
उन्होंने आगे कहा, रिकॉर्ड बुनियादी ढांचे के निर्माण और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से लेकर नियंत्रित मुद्रास्फीति और निर्णायक नीति निर्माण तक, यह परिवर्तन उल्लेखनीय रहा है।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि जहां कुछ लोग तबाही का माहौल बना रहे हैं और आर्थिक पतन की भविष्यवाणी कर रहे हैं, वहीं तथ्य एक बिल्कुल अलग कहानी बयां करते हैं। भारत केवल विकास नहीं कर रहा है; यह वैश्विक विकास को गति दे रहा है।
उन्होंने आगे कहा,“'फ्रैजाइल फाइव' से लेकर विश्व के विकास के इंजन तक, यह परिवर्तन स्वयं ही सब कुछ बयां करता है। गिरावट की भविष्यवाणी करने वाले बार-बार गलत साबित हुए हैं। भारत का उदय सुधारों, लचीलेपन और निर्णायक नेतृत्व पर आधारित है। यह परिवर्तन स्वयं ही सब कुछ बयां करता है।”
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