भारत ने बांग्लादेश की वित्तीय सहायता में की कटौती, इन देशों के लिए बढ़ाया अपना बजट

भारत ने बांग्लादेश की वित्तीय सहायता में की कटौती, इन देशों के लिए बढ़ाया अपना बजट

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार देश का बजट 2026-27 पेश किया है। ऐसा करने वाली निर्मला सीतारमण पहली विदेश मंत्री बन गईं। नेबरहुड फर्स्ट (पड़ोसी पहले) के तहत विदेशी सहायता के लिए बजट 2026-27 के लिए विदेश मंत्रालय को 22118.97 करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय के बजट में मामूली बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल ये आंकड़ा 20516.61 करोड़ रुपए था।

पिछले साल की तुलना में भारत ने इस साल दूसरे देशों के लिए बजट में बड़े बदलाव किए हैं। भारत ने कई देशों के लिए बजट बढ़ाया है, तो कुछ देशों के लिए वित्तीय सहायता घटाई भी है।

बजट 2026-27 में भारत ने अपने सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार भूटान के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर 2,288.55 करोड़ रुपए कर दी है। यह दोनों देशों के बीच, खासकर हाइड्रोपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे एरिया में हमेशा रहने वाले खास रिश्तों को दिखाता है।

अफगानिस्तान के लिए वित्तीय सहायता 50 करोड़ से बढ़ाकर 150 करोड़ रुपए की गई है। भारत हमेशा से ही अफगानिस्तान में मानवीय मदद के लिए राहत संबंधित कार्य करता रहा है। ऐसे में यह बजट मानवीय और विकास में मदद के लिए भारत के लगातार कमिटमेंट का संकेत है।

इसके अलावा नेपाल को 800 करोड़ रुपए मिले हैं, जो 100 करोड़ रुपए ज्यादा है। वहीं, श्रीलंका को 400 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो 100 करोड़ ज्यादा है। तूफान दित्वाह से निपटने के लिए हाल ही में भारत ने श्रीलंका के लिए वित्तीय सहायता भेजी थी। ऐसे में ये बजट स्वाभाविक रूप से सुधार और जरूरतों के हिसाब से बढ़ाया गया है।

इस लिस्ट में मंगोलिया का नाम भी शामिल है, जहां वित्तीय सहायता के लिए पहले के 5 करोड़ रुपए के बजट को बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए किया गया है। इसके साथ ही मॉरिशस के लिए वित्तीय सहायता 50 करोड़ से बढ़ाकर 550 करोड़ रुपए करने का ऐलान किया गया। सेशेल्स के लिए पिछले साल की तरह बजट 19 करोड़ रुपए ही है।

भारत ने बांग्लादेश के लिए वित्तीय सहायता में बड़ी कटौती की है। बांग्लादेश के लिए 60 करोड़ रुपए की सहायता राशि का ऐलान किया गया है। इसकी वजह ये है कि इससे पहले भारत ने बांग्लादेश के लिए 120 करोड़ रुपए दिए थे, लेकिन सिर्फ 34 करोड़ रुपए ही इस्तेमाल हुए। इसके अलावा म्यांमार और मालदीव भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

मालदीव को 550 करोड़ रुपए और म्यांमार को 300 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया गया है।

--आईएएनएस

केके/वीसी