नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। फीफा विश्व कप जीतना किसी भी फुटबॉलर का सबसे बड़ा सपना होता है, लेकिन कम उम्र में कप्तान बनकर अपनी टीम को चैंपियन बनाना और भी खास उपलब्धि है। फुटबॉल इतिहास में कुछ युवा कप्तानों ने असाधारण नेतृत्व, आत्मविश्वास और प्रदर्शन के दम पर खिताब जीतकर अमिट छाप छोड़ी है। आइए, ऐसे ही शीर्ष 5 युवा कप्तानों के बारे में जानते हैं।
डैनियल पासरेला: 25 मई 1953 को ब्यूनस आयर्स में जन्मे पासरेला फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान हैं, जिन्होंने 25 साल 30 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था। 25 जून 1978 को पासरेला की कप्तानी में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड के खिलाफ 3-1 से खिताबी जीत हासिल की थी।
बॉबी मूर: एसेक्स में 12 अप्रैल 1941 को जन्मे बॉबी की कप्तानी में इंग्लैंड ने 30 जुलाई 1966 को अपना पहला और एकमात्र फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता था। लंदन में खेले गए इस मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने वेस्ट जर्मनी के खिलाफ 4-2 से जीत हासिल करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। उस समय बॉबी महज 25 साल 109 दिन के थे।
डिएगो माराडोना: अर्जेंटीना के इस दिग्गज खिलाड़ी का जन्म 30 अक्टूबर 1960 को हुआ था। 29 जून 1986 को मैक्सिको सिटी में खेल गए फाइनल मैच में अर्जेंटीना ने वेस्ट जर्मनी के खिलाफ 3-2 से जीत हासिल की थी। उस समय माराडोना सिर्फ 25 साल 252 दिन के थे।
कार्लोस अल्बर्टो: ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 17 जुलाई 1944 को जन्मे अल्बर्टो ने 25 साल 339 दिन की उम्र में बतौर कप्तान फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई थी। मैक्सिको सिटी में 21 जून 1970 को यह मैच ब्राजील और इटली के बीच खेला गया था, जिसमें ब्राजील ने 4-1 से जीत हासिल की।
ग्यूसेपे मेआजा: 23 अगस्त 1910 को मिलान में जन्मे मेआजा इस लिस्ट में पांचवें पायदान पर हैं, जिन्होंने 19 जून 1938 को फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई थी। कोलंबस में खेले गए इस मैच में इटली ने हंगरी के खिलाफ 4-2 से जीत हासिल की थी। उस समय मेआजा 27 साल 300 दिन के थे।
--आईएएनएस
आरएसजी