वाराणसी से मिर्जापुर तक, मनोरंजन जगत के लिए बेहद खास उत्तर प्रदेश, सैकड़ों फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग

वाराणसी से मिर्जापुर तक, मनोरंजन जगत के लिए बेहद खास उत्तर प्रदेश, सैकड़ों फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग

नोएडा, 24 जनवरी (आईएएनएस)। जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा और खूबसूरत राज्य उत्तर प्रदेश सिनेमा जगत को समृद्ध करने में अहम योगदान देता रहा है। प्राचीन शहर गंगा घाट, पतली-पतली गलियां, मंदिर, ताजमहल और खूबसूरत नजारे फिल्मों के लिए आकर्षक पृष्ठभूमि बनाते हैं। शूटिंग के लिए यूपी भारत के सबसे पसंदीदा राज्यों में शुमार है। साल 2021 में इसे 'मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट' भी घोषित किया गया।

आज उत्तर प्रदेश का 77वां स्थापना दिवस है। राज्य फिल्म मेकर्स के लिए बेहद खास है और इसने भारतीय सिनेमा को कई फिल्में और वेब सीरीज दी हैं।

गंगा की लहरें, संकरी गलियां और जीवन-मृत्यु का अनोखा मेल फिल्मकारों को बार-बार आकर्षित करता है। यहां सैकड़ों फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। काशी में न केवल बॉलीवुड बल्कि कई साउथ इंडियन फिल्मों की भी शूटिंग हो चुकी है। वाराणसी, लखनऊ, आगरा, कानपुर समेत अन्य शहर शूटिंग केंद्र हैं, जहां मसान, रांझणा, ब्रह्मास्त्र, मोहल्ला अस्सी, गैंग्स ऑफ वासेपुर, वनवास जैसी फिल्में और मिर्जापुर, असुर जैसी वेब सीरीज शूट हुई हैं। नोएडा के सेक्टर 21 में बड़ी फिल्म सिटी का निर्माण भी प्रस्तावित है।

यही नहीं, राज्य सरकार ने शूटिंग नियम भी सरल किए हैं। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम से फिल्म मेकर्स को ऑनलाइन अनुमति और सब्सिडी मिलती है। वेब सीरीज के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान है। सूचना विभाग की नोड एजेंसी 'फिल्म बंधु' भी राज्य में शूटिंग को लेकर बढ़ावा दे रही है। उत्तर प्रदेश की फिल्म पॉलिसी सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर केंद्रित है।

राज्य ने कई बड़े अवॉर्ड जीते हैं, जैसे 64वें और 68वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में 'सबसे ज्यादा फिल्म फ्रेंडली राज्य,' 2021 में आईएफएफआई गोवा और साल 2022 में मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से 'शूटिंग फ्रेंडली राज्य' अवॉर्ड जीते। राज्य में कई फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग हो चुकी है। ये लिस्ट काफी लंबी है, ऐसे में यहां कुछ चुनी हुई फिल्मों की जानकारी है।

मसान: निर्देशक नीरज घेवान की संवेदनशील फिल्म में विक्की कौशल और ऋचा चड्ढा मुख्य भूमिका में हैं। साल 2015 में आई फिल्म मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के दृश्यों से काशी की गहराई छूती है। जाति, दुख, प्रेम और नई शुरुआत की कहानी बेहद प्रभावशाली है। फिल्म साल 2015 में रिलीज हुई थी।

रांझणा: साल 2013 में आई निर्देशक आनंद एल राय की यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म काफी पसंद की गई। धनुष और सोनम कपूर की जोड़ी बनारस की गलियों में टहलती नजर आई है। अस्सी घाट, गंगा आरती और संकरी गलियों में फिल्माई गई यह कहानी शहर की जीवंतता, जुनून और प्रेम को खूबसूरती से दर्शाती है। पंडित का बेटा कुंदन बचपन की दोस्त जोया से प्यार करता है। जोया शहर के लड़के से शादी करना चाहती है। प्रेम, त्याग और सामाजिक विभाजन की भावुक कहानी। बनारस का माहौल फिल्म की आत्मा बन गया।

मुक्ति भवन: निर्देशक सुभाष कपूर की कॉमेडी-ड्रामा फिल्म आदिल हुसैन और ललित बेहल के साथ पूरी तरह बनारस पर आधारित है। मौत का इंतजार करने वाले 'सैल्वेशन होटल' की कहानी कॉमेडी और भावुकता से भरी है। साल 2016 में रिलीज फिल्म का आधार घाट और शहर का माहौल है।

बनारस:- निर्देशक पंकज पराशर की रहस्यमयी प्रेम कहानी काशी विश्वनाथ मंदिर और कबीर आश्रम के दृश्यों से सजी है। बनारस की आध्यात्मिकता और रहस्य फिल्म की मुख्य थीम है। शहर का माहौल कहानी को गहराई देता है। फिल्म में उर्मिला मातोंडकर मुख्य भूमिका में हैं।

मोहल्ला अस्सी: निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म सुनील शेट्टी और साक्षी तंवर के साथ अस्सी घाट और स्थानीय चाय की दुकान के सीन से प्रसिद्ध है। संस्कृत पंडित धर्म शास्त्री पर्यटन में फर्जी गुरुओं से परेशान रहता है। यह समाज की राजनीति, धर्म के व्यावसायीकरण और बदलते मूल्यों की व्यंग्यात्मक कहानी बताती है। यह अस्सी मोहल्ले के जीवन, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों को पेश करती फिल्म है।

ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन - शिव: निर्देशक अयान मुखर्जी की फिल्म साल 2022 में रिलीज हुई थी। हिंदू पौराणिक कथाओं से प्रेरित फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, और अमिताभ बच्चन के साथ मौनी रॉय भी अहम रोल में हैं। शिव नामक युवक को अपनी अग्नि शक्तियों के बारे में पता चलता है। वह ब्रह्मास्त्र नामक शक्तिशाली हथियार की रक्षा करता है। प्रेम, शक्ति और रहस्य की कहानी को एक साथ पिरोया गया है।

गैंग्स ऑफ वासेपुर:- यह साल 2012 में रिलीज हुई थी। निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म में मनोज बाजपेयी, ऋचा चड्ढा और नवाजुद्दीन सिद्दीकी लीड रोल में हैं। वासेपुर में सेट कहानी कोयला खदान मालिक और अपराधी परिवारों के बीच तीन पीढ़ियों का खूनी बदला है। अपराध, सत्ता और बदले की महाकाव्य कहानी दो भागों में है।

मिर्जापुर (वेब सीरीज):- निर्देशक गुरमीत सिंह और मिहिर देसाई की फिल्म में मुख्य कलाकार पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदू हैं। अपराधी कालीन त्रिपाठी का साम्राज्य। एक घटना से दो परिवार उलझते हैं। बंदूक, सत्ता और अपराध की क्राइम थ्रिलर कहानी है।

वनवास:- निर्देशक अनिल शर्मा की भावुक फैमिली ड्रामा 'वनवास' में नाना पाटेकर, उत्कर्ष शर्मा और सिमरत कौर मुख्य भूमिकाओं में हैं। अस्सी घाट और गंगा किनारे शूट हुई फिल्म परिवार, संघर्ष और भावनाओं को गहराई से दिखाती है। साल 2024 में आई वनवास फिल्म की कहानी वाराणसी की पृष्ठभूमि में है। यह बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा, संतानों की कृतघ्नता और डेमेंशिया (याददाश्त की बीमारी) से जूझते पिता के दर्द पर केंद्रित है। पिता को उनके बच्चे त्याग देते हैं, जिससे अकेलापन और भावनात्मक संघर्ष दिखता है। फिल्म प्यार, पछतावा, परिवार के रिश्तों और बुजुर्गों की देखभाल का मैसेज देती है।

निर्देशक करण शर्मा की रोमांटिक कॉमेडी-फैंटेसी 'भूल चूक माफ' है। पूरी फिल्म वाराणसी की रंगीन गलियों, राजेंद्र प्रसाद घाट और गोदौलिया में शूट हुई। भूल चूक माफ में राजकुमार राव, वामिका गब्बी, संजय मिश्रा, रघुबीर यादव और सीमा पाहवा अहम भूमिकाओं में हैं। कहानी बनारस में सेट है, जहां रंजन एक छोटे शहर का रोमांटिक लड़का है, जो सरकारी नौकरी पाकर तितली से शादी करने वाला है, लेकिन वह भगवान शिव को दिया वादा भूल जाता है, जिससे उसका शादी का दिन बार-बार दोहराया जाता है और वह टाइम लूप में फंस जाता है। फिल्म में कॉमेडी, प्यार, वादों की अहमियत और भक्ति का मिश्रण है।

--आईएएनएस

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