नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। फ्लाईदुबई की फ्लाइट से जुड़ी घटना में 170 से ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को उनकी बहादुरी के लिए इजरायल ने सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से सम्मानित करने की घोषणा की है। वहीं, अमेरिका भी कैप्टन स्मित को प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के 'कांग्रेसनल रिकॉर्ड' में सम्मानित करेगा।
भारत में इजरायली दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग की घोषणा की जानकारी साझा की।
पोस्ट में लिखा गया, ''कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और साहस ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। स्वस्थ होने के बाद राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग उन्हें इजरायल का राष्ट्रपति नागरिक वीरता पुरस्कार प्रदान करेंगे। हम उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करते हैं। धन्यवाद, कैप्टन। इजरायल आपकी बहादुरी को सलाम करता है।''
इससे पहले भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने गुरुवार को घोषणा की कि वह अमेरिकी कांग्रेस के आधिकारिक रिकॉर्ड (कांग्रेसनल रिकॉर्ड) में कैप्टन मच्छार के साहस और बहादुरी की सराहना करते हुए एक बयान दर्ज कराएंगे। कृष्णमूर्ति ने अपने साथी सांसदों से भी कैप्टन मच्छार के साहस को सम्मानित करने की अपील की।
यह सम्मान 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड 1073 में हुई घटना के बाद दिया जा रहा है। आरोप है कि उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
राजा कृष्णमूर्ति के बयान के अनुसार, घटना के दौरान विमान केवल 30 सेकंड में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार किसी तरह कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे और उसे खोलने में सफल रहे। इससे यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
इसके बाद विमान में यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो रिजर्व पायलटों ने कमान संभाली और उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा। कांग्रेस सदस्य के बयान के मुताबिक, विमान में 172 यात्री सवार थे, जिनमें चार अमेरिकी नागरिक और 27 बच्चे शामिल थे।
भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार के पास उड़ान संचालन का 17 वर्षों का अनुभव है, जिसमें 11 वर्ष कप्तान के रूप में शामिल हैं।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि जानलेवा हमले का सामना करने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान में मौजूद सभी लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। जब कैप्टन मच्छार अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब भी उन्हें यह अहसास था कि विमान में मौजूद सभी लोगों की जिंदगी उनके अगले कदम पर निर्भर करती है। गंभीर चोटों के बावजूद अपने लंबे अनुभव के आधार पर वह समझ गए थे कि विमान खतरे में है और उन्होंने हिम्मत जुटाकर उस दरवाजे तक पहुंचने का फैसला किया।
कृष्णमूर्ति के मुताबिक, कैप्टन मच्छार की सूझबूझ, दृढ़ निश्चय और साहस ने यात्रियों और चालक दल को कार्रवाई करने का मौका दिया। उनकी समझदारी, दृढ़ता और बहादुरी ने यात्रियों और क्रू को हमले को रोकने और एक संभावित बड़े हादसे को टालने का अवसर दिया। सांसद ने उन परिवारों का भी जिक्र किया जिनके अपने इस घटना में सुरक्षित बच गए।
उन्होंने कहा, “फ्लाइट एफजेड 1073 में मौजूद हर व्यक्ति के पीछे एक परिवार है, जिसे एक अकल्पनीय दुख से बचा लिया गया। कैप्टन मच्छार ने हार नहीं मानी और इसी वजह से विमान में मौजूद यात्री और चालक दल अपने प्रियजनों के पास सुरक्षित लौट सके।”
--आईएएनएस
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