लखनऊ, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल चुका है और सूरज की तपिश दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखकर लोगों से सावधानी बरतने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की अपील की है।
सीएम योगी ने कहा, "मौसम की तरह फसलों का भी चक्र होता है। रबी की फसलों की कटाई हो चुकी है। नई फसल की उपज एवं मौसमी फल आपका स्वाद बढ़ा रहे हैं। लेकिन मौसम का चक्र अगर थोड़ा भी परिवर्तित हो जाए, तो बाढ़, सूखा, अकाल से लेकर महामारी तक मनुष्यों के लिए अभिशाप बन जाती हैं। प्रकृति के स्वभाव के अनुरूप हर मौसम की तरह ग्रीष्म ऋतु आई है। बढ़ता तापमान हमें इसके दुष्प्रभावों से बचने तथा अपनी तैयारियां पूरी करने का संदेश दे रहा है।"
उन्होंने कहा, "प्रदेश के हर व्यक्ति का जीवन अनमोल है, इसलिए सरकार ने कड़कड़ाती ठंड की तरह प्रचंड गर्मी की मार से बचाने की भी तैयारी कर ली है। शासन के हर स्तर पर समन्वित और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की गई है।"
सीएम ने बताया, "बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। पीक डिमांड को ध्यान में रखते हुए लगभग 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके लिए सभी थर्मल पावर प्लांट को उनकी पूरी क्षमता से संचालित करने की व्यवस्था की गई है। प्रदेशभर में पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने का कार्य तात्कालिक रूप से रोक दिया गया है।"
उन्होंने कहा, "सड़कों पर पानी का छिड़काव, छायादार क्षेत्रों की व्यवस्था, श्रमिकों को थकावट, निर्जलीकरण एवं लू से बचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस कड़ी में औद्योगिक एवं निर्माण स्थलों पर स्वास्थ्य जांच शिविर स्थापित किए जाएंगे। हीट स्ट्रोक से प्रभावितों को तत्काल उपचार मिले, इसके लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है।"
उन्होंने आगे बताया, "तहसील, थाने, अस्पताल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में निःशुल्क शीतल पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। भीषण गर्मी के बीच पशुधन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्राणी उद्यानों-अभयारण्यों में हीट-वेव एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। गोशालाओं में हरे चारे-चोकर एवं पानी की उचित व्यवस्था रहेगी।"
सीएम योगी ने कहा, "एक दिन पहले भगवान परशुराम का प्रकटोत्सव एवं अक्षय तृतीया उत्साह से मनाया गया। भगवान परशुराम के आशीर्वाद से प्रदेश में सत्य, न्याय और धर्म की स्थापना हुई है, जो अक्षय है। अक्षय का भाव संस्कार, समर्पण और सेवा की अविनाशी परम्परा का परिचायक है। भीषण गर्मी मानवता की इसी भावना को आगे बढ़ाने का अवसर है। घर के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पानी रखें। आप भी पर्याप्त मात्रा में पानी, शिकंजी, छाछ या नारियल पानी पीते रहें। बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। सूती या खादी के ढीले वस्त्र पहनें। सबसे आवश्यक बात, ऐसी कोई लापरवाही न करें, जिससे आग लगने का अंदेशा हो। अपना और अपनों का ख्याल रखें।"
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