बच्चों की सुरक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया की राह पर चला ब्रिटेन, सोशल मीडिया बैन पर चर्चा तेज

बच्चों की सुरक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया की राह पर चला ब्रिटेन, सोशल मीडिया बैन पर चर्चा तेज

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने लगभग एक महीने पहले 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। काफी देशों में इसकी सराहना भी की गई। दुनिया के और भी कई देश हैं, जो बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहे हैं। इस लिस्ट में अगला नाम ब्रिटेन का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ब्रिटेन की संसद में इस सिलसिले में अगले हफ्ते बड़ा कदम उठाने की चर्चा हो रही है। हाउस ऑफ लॉर्ड्स में चिल्ड्रन्स वेलबीइंग एंड स्कूल्स बिल में बदलाव करने के लिए वोटिंग होने की उम्मीद है। इसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन शामिल होगा।

डेजी ग्रीनवेल के स्मार्टफोन फ्री चाइल्डहुड (एसएफसी) ने इस हफ्ते एक ईमेल कैंपेन शुरू किया, जिसमें यूके के स्थानीय सांसदों को 100,000 से ज्यादा ईमेल भेजे गए। एसएफसी टेम्पलेट ईमेल में सरकार से "बच्चों की उम्र के हिसाब से सीमाएं" तय करने की अपील की गई।

ग्रीनवेल ने कहा, "हम लगातार देखते हैं कि बच्चे स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर जितना ज्यादा समय बिताते हैं, उनकी मानसिक स्थिति उतनी ही खराब होती है। अगर ये प्लेटफॉर्म अब उपलब्ध नहीं हैं, तो नेटवर्क का असर खत्म हो जाता है और युवा लोग एक-दूसरे से और असली दुनिया से फिर से जुड़ सकते हैं।"

ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने भी इसका समर्थन किया और कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया में जारी इस बैन को स्टडी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें बच्चों को सोशल मीडिया से बेहतर तरीके से बचाने की जरूरत है।”

पीएम स्टार्मर ने पिछले हफ्ते कहा, “हम और क्या सुरक्षा दे सकते हैं, इस बारे में सभी विकल्प टेबल पर हैं, चाहे वह सोशल मीडिया पर 16 साल से कम उम्र के बच्चे हों या एक ऐसा मुद्दा जिसकी मुझे बहुत चिंता है, पांच साल से कम उम्र के बच्चे और स्क्रीन टाइम। स्कूल के पहले साल में चार साल की उम्र में बच्चे स्क्रीन पर बहुत ज्यादा समय बिताते हुए आ रहे हैं।”

--आईएएनएस

केके/वीसी