वाशिंगटन, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। नासा का आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस मिशन पर जाने वाले चारों अंतरिक्ष यात्री- रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन स्वस्थ हैं और इस सुरक्षित वापस लौटे हैं।
चारों अंतरिक्ष यात्री शनिवार को ह्यूस्टन में जॉनसन स्पेस सेंटर के एलिंगटन फील्ड में पहुंचे। यहां नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और उन्हें गले लगाया। चांद के चारों ओर अपनी ऐतिहासिक 10-दिन की यात्रा पूरी होने के बाद क्रू के सदस्य पहली बार साइट पर अपने परिवारों से मिले।
इसाकमैन ने इस मिशन को इंसानी इतिहास का सबसे बड़ा एडवेंचर बताया। इस मिशन को लेकर अपना अनुभव साझा करते हुए रीड वाइजमैन ने कहा, "विक्टर, क्रिस्टीना और जेरेमी, हम हमेशा के लिए एक-दूसरे से जुड़ गए हैं और यहां कोई भी कभी नहीं जान पाएगा कि हम चारों ने क्या अनुभव किया है। यह मेरी जिंदगी में अब तक की सबसे खास बात थी। घर से 200,000 मील से ज्यादा दूर होना आसान नहीं था। जैसे, लॉन्च से पहले ऐसा लगता है कि यह धरती का सबसे बड़ा सपना है, और जब आप वहां होते हैं, तो आप बस अपने परिवार और दोस्तों के पास वापस जाना चाहते हैं। इंसान होना एक खास बात है और धरती ग्रह पर होना एक खास बात है।"
रीड के बाद अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “क्रू एक ऐसा ग्रुप है जो हर समय साथ रहता है, चाहे कुछ भी हो, जो हर मिनट एक ही मकसद के साथ साथ काम करता है, जो एक-दूसरे के लिए चुपचाप कुर्बानी देने को तैयार रहता है, जो दया दिखाता है, जो जिम्मेदारी लेता है। क्रू की एक जैसी चिंताएं और एक जैसी जरूरतें होती हैं और क्रू बहुत खूबसूरती से, कर्तव्यनिष्ठा से जुड़ा होता है।”
उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे बड़ा एहसास तब हुआ जब उन्होंने ओरियन की खिड़की से पृथ्वी को बहुत छोटा और उसके चारों ओर फैले अंधेरे को देखा। कोच ने कहा, “मुझे पता है कि मैंने अभी तक वह सब कुछ नहीं सीखा है जो इस सफर ने मुझे सिखाया है। लेकिन एक नई चीज है जो मैं जानती हूं और वह है पृथ्वी ग्रह: आप एक क्रू हैं।”
इसके अलावा जेरेमी हैनसेन ने कहा, “हमारे क्रू में एक शब्द है जिसे हमने बहुत पहले बनाया था, ‘जॉय ट्रेन’। और ऐसा लगता है कि आपने वहां बहुत खुशी देखी। बहुत खुशी थी। हम हमेशा जॉय ट्रेन पर नहीं होते, लेकिन हम जल्द से जल्द जॉय ट्रेन पर वापस आने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह किसी भी टीम के लिए एक उपयोगी लाइफ स्किल है।”
इसके बाद अपने क्रू सदस्यों को गले लगाते हुए हैनसेन ने भावुक होकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा, “आपने जो देखा, वह ऐसे लोगों का समूह था जिन्हें सार्थक योगदान देने में खुशी मिलती है। हमें यह जानकर अच्छा लगा कि यह अनुभव आपके लिए भी बेहद खास रहा। मैं बस इतना कहूंगा कि जब आप हमें ऊपर (अंतरिक्ष में) देखें, तो यह न समझें कि आप सिर्फ हमें देख रहे हैं। हम तो एक दर्पण की तरह हैं, जिसमें आपका ही प्रतिबिंब झलक रहा है। अगर आपको जो दिख रहा है वह पसंद आ रहा है, तो जरा और गौर से देखिए क्योंकि वह आप ही हैं।”
विक्टर ग्लोवर ने भावुक माहौल को अपनी बातों से हल्का कर दिया। उनकी बातों पर लोग ठहाके लगा रहे थे। विक्टर ग्लोवर ने माना कि उन्होंने अभी तक पूरे मिशन और “हमने अभी क्या किया” को पूरी तरह से समझा नहीं है, लेकिन वे बहुत शुक्रगुजार थे।
ग्लोवर ने कहा, “मैं इसे छोटा रखूंगा क्योंकि मुझे बात शुरू करने में डर लग रहा है। हमने अभी जो किया, उसे मैंने अभी तक समझा नहीं है, और मुझे कोशिश करने में भी डर लग रहा है। जब यह शुरू हुआ, तो मैं सबके सामने भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहता था और मैं फिर से भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, क्योंकि हमने जो कुछ भी झेला, उसे बताने की मेरी चुनौती से भी बड़ी, जो हमने देखा, जो हमने किया, और जिसके साथ मैं था, उसके साथ होने का शुक्रिया, यह सिर्फ एक शरीर में होने से कहीं ज्यादा बड़ा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने परिवार को हर चीज के लिए धन्यवाद देना चाहता था। मैं आपसे प्यार करता हूं। मैं हमारी लीडरशिप को धन्यवाद देना चाहता था। जब से हम अप्रैल 2023 में यहां आए हैं, तब से यह बदल गया है, लेकिन क्वालिटीज नहीं बदली हैं। हम खुशकिस्मत हैं कि इस समय हम इस एजेंसी में एक साथ हैं। इस फैसिलिटी के लिए और सैन डिएगो से घर तक हमारी राइड के लिए हमारे एयर ऑपरेशन्स को भी धन्यवाद। और मैं आपसे प्यार करता हूं।”
--आईएएनएस
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