'अमिताभ बच्चन से सीखी समय की कद्र', कल्पना अय्यर ने साझा किया 'सत्ते पर सत्ता' के दिनों का यादगार अनुभव

'अमिताभ बच्चन से सीखी समय की कद्र', कल्पना अय्यर ने साझा किया 'सत्ते पर सत्ता' के दिनों का यादगार अनुभव

मुंबई, 5 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। साथ ही, वह समय के बेहद पाबंद भी हैं। उनके साथ काम कर चुके कई कलाकार इंटरव्यू के जरिए बिग बी के प्रोफेशनल रवैये की सराहना करते हैं। अब इसी कड़ी में 'रम्बा हो' गर्ल और वरिष्ठ अभिनेत्री कल्पना अय्यर ने आईएएनएस संग बातचीत में अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव को साझा किया।

आईएएनएस से बात करते हुए कल्पना अय्यर ने कहा, ''मैंने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म 'सत्ते पर सत्ता' में काम किया। इस फिल्म की शूटिंग के समय मैंने उनसे जीवन का एक बेहद जरूरी सबक सीखा। मैंने उनसे समय की कद्र करना सीखा। अमिताभ बच्चन चाहे कितने ही बड़े सुपरस्टार क्यों न हों, लेकिन सेट पर पहुंचने के मामले में वह कभी लेट नहीं हुए।''

कल्पना अय्यर ने बातचीत में अपनी मां की सीख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''मेरी मां हमेशा कहती थीं कि जो इंसान हर जगह समय पर पहुंचता है, वही सबसे अच्छे संस्कारों वाला होता है। जब आप दूसरों के समय की कद्र करना सीख जाते हैं, तो यही सबसे बड़ी खूबी बन जाती है। अमिताभ बच्चन को देखकर मुझे इस सीख की असली अहमियत समझ में आई।''

उन्होंने फिल्म 'सत्ते पर सत्ता' के शूटिंग दिनों को याद करते हुए कहा, ''उस समय अमिताभ बच्चन जुहू में रहते थे, जबकि मैं खुद अंधेरी में रहती थी। शूटिंग लोकेशन मुंबई के बल्लार्ड पियर में थी, जहां सुबह करीब छह बजे पहुंचना होता था। यह दूरी और समय दोनों ही चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन इसके बावजूद अमिताभ बच्चन रोज समय पर सेट पर पहुंचते थे।''

कल्पना ने कहा, ''अमिताभ बच्चन और मेरे पास उस समय सफेद एंबेसडर कार हुआ करती थी। मैं खुद समय पर पहुंचने की पूरी कोशिश करती थी, लेकिन अक्सर अमिताभ बच्चन से बाद में पहुंचती थी। जब मैं सेट पर पहुंचती थी, तो देखती थी कि वहां अमिताभ बच्चन पहले से मौजूद होते थे। उस समय और कोई भी वहां नहीं होता था।''

उन्होंने कहा, ''इतने बड़े स्टार होने के बावजूद अमिताभ बच्चन का इस तरह अकेले और समय से पहले सेट पर पहुंचना मेरे लिए प्रेरणादायक था। प्रोफेशनलिज्म केवल काम करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि समय की कद्र करना भी उसका एक बड़ा हिस्सा है।''

--आईएएनएस

पीके/एएस