नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच अफ्रीकी देश माली में कई जगहों पर 'आतंकी' समूह ने हमला कर दिया है। माली की सेना ने कहा कि हथियारबंद आतंकी ग्रुप ने शनिवार को जुंटा-शासित पश्चिमी अफ्रीकी देश माली में कई मिलिट्री ठिकानों पर हमले किए। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
माली की राजधानी बमाको के इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत कई जिलों में गोलियों की आवाज सुनी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काफी देर तक गोलीबारी की आवाज सुनी गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों के अंदर छिपे रहे। माली के सैन्य नेता जनरल असिमी गोइता काटी में रहते हैं। वहां पर दोनों तरफ से फायरिंग हुई।
इस घटना में इलाके के कई घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। माली की सेना हेलिकॉप्टर से गश्त लगा रही है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार हमलावरों ने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक पहुंचने की कोशिश की। माली एक दशक से ज्यादा समय से सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। माली में सेना ने 2020 और 2021 में दो बार तख्तापलट करके सत्ता पर कब्जा कर लिया।
माली 2012 से अलकायदा और इस्लामिक स्टेट ग्रुप से जुड़े समूह और कम्युनिटी बेस्ड आपराधिक समूह और अलगाववादियों के हमलों की वजह से सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। सैन्य सरकार ने अपने पड़ोसी देशों, नाइजर और बुर्किना फासो की तरह ही रूस के साथ राजनीतिक और सैन्य संबंध मजबूत कर रहा है, लेकिन उसने अपने पूर्व औपनिवेशिक शासक फ्रांस और कई पश्चिमी देशों से दूरी बना ली है।
रूस का वैगनर ग्रुप 2021 से इस्लामिक स्टेट ग्रुप के खिलाफ लड़ाई में माली की सेना की मदद कर रहा था। वैगनर ग्रुप ने जून 2025 में अपना मिशन खत्म करने का ऐलान किया। इसके बाद अफ्रीका कॉर्प्स ने वैगनर की जगह ली। अफ्रीका कॉर्प्स रूसी रक्षा मंत्रालय के सीधे कंट्रोल में एक संगठन है।
जुंटा ने आलोचकों पर कार्रवाई की और राजनीतिक पार्टियों को खत्म कर दिया। इसने मार्च 2024 तक आम लोगों को सत्ता सौंपने का वादा किया था, लेकिन जुलाई 2025 में, इसने गोइटा को बिना चुनाव के पांच साल का राष्ट्रपति का कार्यकाल दिया। वह जितनी बार चाहें इसे रिन्यू कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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