यूपी में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की शुरुआत आज से

यूपी में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की शुरुआत आज से

लखनऊ, 19 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन एवं 62वें भारत में विधायी निकायों के सचिवों के सम्मेलन की शुरुआत आज से विधानभवन में हो रही है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी उत्तर प्रदेश विधानमंडल द्वारा की जा रही है।

सम्मेलन के अंतर्गत देशभर से आए पीठासीन अधिकारी, सचिवगण एवं गणमान्य प्रतिनिधि विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय परंपराओं, सदन संचालन, सुशासन तथा समसामयिक विधायी विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श करेंगे। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ, उपसभापति, राज्यसभा हरिवंश नारायण सिंह, सभापति विधान परिषद कुंवर मानवेंद्र सिंह एवं माननीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश विधानसभा सतीश महाना सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, सभापति, अध्यक्ष एवं सचिवगण सहभागिता कर रहे हैं।

आज सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन विधान भवन, लखनऊ में होगा। उद्घाटन सत्र में संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों की उपस्थिति में प्रदर्शनी का उद्घाटन, समूह चित्र एवं विभिन्न समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। 20 जनवरी को पूर्ण सत्र के दौरान एजेंडा बिंदुओं पर गहन चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन भी प्रस्तावित है। 21 जनवरी को समापन सत्र में विभिन्न संवैधानिक पदाधिकारियों के प्रेरक संबोधन होंगे।

सम्मेलन के दौरान विधायी परंपराओं, संसदीय नवाचारों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने से जुड़े विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित किया जाएगा। सम्मेलन के उपरांत 22 जनवरी 2026 को प्रतिभागियों के लिए अयोध्या धाम भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित है, जबकि 23 जनवरी 2026 को प्रतिनिधियों का प्रस्थान होगा। यह सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान तथा विधायी संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

इसके पहले 18 जनवरी को विधान भवन के भव्य गुंबद पर उत्तर प्रदेश की गौरवगाथा को दर्शाते हुए अत्याधुनिक ‘प्रोजेक्शन मैपिंग’ तकनीक के माध्यम से ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस भव्य और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक चेतना तथा राजनीतिक यात्रा का सजीव एवं दृश्यात्मक चित्रण किया गया। आधुनिक तकनीक और रचनात्मक प्रस्तुति के समन्वय से तैयार इस कार्यक्रम ने दर्शकों को प्रदेश की ऐतिहासिक यात्रा से जोड़ते हुए एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया।

यह अभिनव प्रयोग देश की विधान सभाओं में अपनी तरह का प्रथम प्रयास है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत उपस्थित अधिकारियों ने सराहा। यह पहल अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश विधान सभा सतीश महाना ने की है। इस आयोजन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से पधारने वाले पीठासीन अधिकारियों एवं विधानमंडलीय अधिकारियों को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक वैभव, ऐतिहासिक धरोहर तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगा, बल्कि विधायी संस्थाओं के बीच संवाद, सहयोग और नवाचार को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

--आईएएनएस

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