वाशिंगटन, 17 मई (आईएएनएस)। अमेरिका का विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड अमेरिका लौट आया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक्स पर नाविकों की भावुक स्वदेश वापसी की कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी। वो खुद भी वहां मौजूद रहे। इस पोत पर चालक दल के करीब 5,000 सदस्य सवार थे।
ये पोत जिसे ईरान के साथ युद्ध शुरू होने से पहले मध्य पूर्व भेजा गया था, 326 दिनों (11 महीनों) की तैनाती पूरी करने के बाद शनिवार को अमेरिका लौटा। पेंटागन के अनुसार, यह तैनाती अमेरिकी विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप की वियतनाम युद्ध के बाद सबसे लंबी तैनाती थी। पीट हेगसेथ वर्जीनिया के नॉरफॉक में दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत के स्वागत के लिए मौजूद थे।
मीडिया से उन्होंने कहा कि जो काम दुनिया के इस सबसे बड़े कैरियर ने किया, वह अद्भुत और असाधारण रहा।
इस तैनाती के दौरान फोर्ड ने कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी अभियानों में हिस्सा लिया, जहां अमेरिकी बलों ने कथित ड्रग-तस्करी नौकाओं पर कार्रवाई की, प्रतिबंधित टैंकरों को रोका, और वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के अभियान में भाग लिया। इसके बाद इसे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में शामिल होने के लिए मध्य पूर्व भेजा गया।
तैनाती के दौरान जहाज पर कई चुनौतियां भी सामने आईं, जिनमें मार्च में लॉन्ड्री क्षेत्र में लगी आग और तकनीकी समस्याएं शामिल थीं।
आमतौर पर ऐसे एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती रहती है, लेकिन इस बार ये मिशन 11 महीने तक खिंच गया। इस जहाज में पहले ही टॉयलेट की खराबी की बात सामने आई थी। इन परिस्थितियों के बीच ही मार्च में ईरान युद्ध के दौरान जहाज के लॉन्ड्री एरिया में आग लगी थी, जिसे बुझाने में करीब 30 घंटे लगे थे।
पेंटागन के अनुसार, पिछले साल जून में वर्जीनिया से निकलने के बाद जहाज पहले अटलांटिक से होते हुए भूमध्य सागर और नॉर्वे पहुंचा। जनवरी में इसे वेनेजुएला ऑपरेशन के लिए कैरेबियन भेजा गया और फिर ईरान संघर्ष के दौरान मध्य पूर्व में तैनाती हुई।
--आईएएनएस
केआर/