मप्र : 26 लाख परिवार अब भी बिजली से वंचित
मप्र : 26 लाख परिवार अब भी बिजली से वंचित

--आईएएनएस

भोपाल 17 मई (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश में हर घर को रोशन करने के लिए चलाई जा रही 'सौभाग्य योजना' के तहत अभी भी 26 लाख परिवार ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची है। राज्य के 40 लाख से अधिक बिजली विहीन घरों में बिजली पहुंचाने के इस अभियान में अब तक सिर्फ 14 लाख 46 हजार घरों तक बिजली पहुंची है। आधिकारिक तौर पर गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार की प्रभावी पहल पर ऐसे सभी घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जहां वर्षो से बिजली नहीं पहुंची है।

जानकारी के अनुसार, राज्य के 11 जिले आगर-मालवा, मंदसौर, इंदौर, खंडवा, नीमच, देवास, रतलाम, हरदा, अशोकनगर, उज्जैन और शाजापुर में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। योजना में कुल 26 लाख 54 हजार 474 गरीब परिवारों के बिजली विहीन घरों को आगामी अक्टूबर तक विद्युतीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य में अब तक ऐसे 14 लाख 46 हजार 291 घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। योजना में शेष बचे घरों को अगले पांच माह में विद्युतीकृत करने का लक्ष्य है।

आधिकारिक ब्यौरे के अनुसार, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को क्षेत्र के 20 जिलों के 15 लाख 7 हजार 20 घरों में बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य दिया गया है। कंपनी ने अब तक चार लाख 81 हजार 908 घरों में बिजली कनेक्शन दिए गए हैं।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने क्षेत्र के 16 जिलों के 18 लाख 55 हजार 325 बिजली विहीन घरों के विद्युतीकरण के लक्ष्य में से छह लाख 12 हजार 144 घरों में बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 15 जिलों में सात लाख 16 हजार 851 बिजली विहीन घरों को बिजली सुविधा मुहैया करवाने के लक्ष्य में से तीन लाख 52 हजार 239 घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवा दिए गए हैं।

सौभाग्य योजना वह योजना है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र से अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जा रही है। शेष 40 प्रतिशत राशि का प्रबंध राज्य शासन एवं तीनों विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। योजना में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हितग्राहियों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। अन्य हितग्राहियों से 500 रुपये की राशि 10 किस्तों में मासिक विद्युत बिल के साथ ली जाएगी।

 

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अंतिम नवीनीकृत: 17 मई, 2018

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