ब्रिटेन दौरे का लाभ ओलंपिक क्वालीफायर में मिलेगा :
ब्रिटेन दौरे का लाभ ओलंपिक क्वालीफायर में मिलेगा :

--अभिषेक उपाध्याय

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)| भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल अगले महीने होने वाले ओलम्पिक क्वालीफायर मैचों के लिए सकारात्मक हैं। उनका कहना है कि ग्रेट ब्रिटेन के हालिया दौरे से उनकी टीम को लाभ मिला है क्योंकि जिस अमेरिका के साथ भारत को ओलम्पिक क्वालीफायर खेलना है उसका और ग्रेट ब्रिटेन का खेल लगभग एक जैसा है।

रानी यहां शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में फेनेस्टा नेशनल टेनिस चैम्पियनशिप के अंतिम दिन पुरस्कार वितरण समारोह में शिरकत करने आई थीं। इस कार्यक्रम के बीच में से रानी खेल मंत्री किरण रिजिजू से भी मुलाकात करने गई थीं, जिन्होंने भारतीय टीम को ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

कार्यक्रम से इतर आईएएनएस से बात करते हुए रानी ने कहा, "टीम की तैयारी अच्छी है। हम काफी समय से इस इन मैचों के लिए अपने आप को तैयार कर रहे हैं कि यह दो मैच हमें जीतने हैं। कल से हमारा कैम्प भुवनेश्वर में शुरू हो रहा है, जहां हम अपनी तैयारियों को अंजाम देंगे।"

भारत ने अमेरिका के साथ पिछला मैच 1-1 से ड्रॉ खेला था। इस बार टीम अपने घर में अमेरिका से भिड़ रही है। रानी का कहना है कि उस मैच के बाद से टीम के अंदर काफी सुधार आया है और साथ ही घर में खेलना का भी टीम को फायदा मिलेगा।

रानी ने कहा, "एक साल के अंदर हमारी टीम ने काफी ज्यादा सुधार किया है। अभी हमारे पास अच्छा मौका है जीत हासिल करने का क्योंकि हम अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेल रहे हैं। हमने जो भी ट्रेनिंग की है उसे हम क्वालीफायर में लागू करेंगे। मुझे अपनी टीम पर बहुत विश्वास है कि हम ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर जाएंगे।"

भारतीय टीम ने हाल ही में ग्रेट ब्रिटेन का दौरा किया था जहां पांच मैचों में वह एक मैच जीतने में सफल रही थी। एक में उसे हार मिली थी जबकि तीन मैच ड्रॉ रहे थे।

रानी ने कहा कि ग्रेट ब्रिटेन का दौरा ओलम्पिक क्वालीफायर के लिहाज से अच्छा रहा क्योंकि अमेरिका और ग्रेट ब्रिटेन का खेल लगभग एक जैसा है। भारत को दो और तीन नवंबर को भुवनेश्वर में अमेरिका के साथ ओलम्पिक क्वालीफायर मैच खेलने हैं।

रानी ने कहा "ओलम्पिक से पहले ग्रेट ब्रिटेन के साथ खेलने से हमें अच्छा मौका मिला। अमेरिका की जिस तरह की खेलनी की शैली है, उसी प्रकार की शैली ग्रेट ब्रिटेन की है। हमने काफी सारी चीजें ग्रेट ब्रिटेन के साथ लागू करने की कोशिश की जो हम अमेरिका के साथ क्वालीफायर में लागू करेंगे।"

रानी ने कहा कि उनकी टीम अंतिम समय पर गलतियां करने की आदत से लगभग पार पा चुकी है जो पहले एक बड़ी समस्या हुआ करती थी।

उन्होंने कहा, "कई सारे मैच ऐसे हैं जहां हमने अंतिम समय पर गोल करके जीते हैं। ग्रेट ब्रिटेन के साथ हम जो पहला मैच 2-1 से जीते थे उसमें हमने अंतिम समय में गोल किया था। अभी पहले जैसा नहीं है कि हम अंतिम समय में सिर्फ गोल खाते हैं। हां जब भी ऐसा होता है तो हम इस पर बात जरूर करते हैं कि ऐसा क्यों हुआ।"

पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने की समस्या भी भारतीय टीम के लिए बड़ी परेशानी है। रानी हालांकि कहती है कि मौजूदा समय में हॉकी में लगभग हर टीम ने पेनाल्टी कॉर्नर डिफेंस को मजबूत किया जिससे कॉर्नर को तब्दील करना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि एक साल के अंदर इस क्षेत्र में भी काफी सुधार आया है लेकिन हमें साथ ही देखना होगा कि आज के समय में पेनाल्टी कॉर्नर डिफेंस पर हर टीम अच्छा करने लगी है। मैं हमारी ही टीम की बात करूं तो बहुत कम होता है कि हम पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल खा जाते हैं। ऐसे ही दूसरी टीमें हैं जिन्होंने पेनाल्टी कॉर्नर डिफेंस पर काम किया जिससे पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल के मौके कम हो गए हैं।"

रानी ने खेल मंत्री से मुलाकात के बारे में कहा, "उन्होंने सिर्फ ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए शुभकामनाएं दीं और बोला कि आप सभी स्वतंत्र होकर खेलो।"

भारतीय महिला टीम रियो ओलंपिक में 36 साल के बाद खेली थी लेकिन उसका प्रदर्शन खराब रहा था। भारत को 12वां वां स्थान मिला था। अब वह टोक्यो में अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने के लिए प्रयासरत है।

 

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